होली पर शायरी इन हिंदी | Holi par shayari in hindi

दूर हैं तुमसे,हम दूरी का मलाल भेज रहे हैं अबके हवाओं के हाथ ही गुलाल भेज रहे हैं तेरे अहसासों में भीगे हैं सुबह ओ शाम  क्या तुम भी भीगे हो ये सवाल भेज रहे हैं? इश्क़ में तेरे डूबे हैं ये रुह ओ जिस्म मेरे तेरे रंग में रंगे हैं तेर…

हनुमान चालीसा pdf | hanuman chalisa pdf

॥दोहा॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मन मुकुर सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिकै सुमिरौं पवनकुमार। बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार॥ ॥चौपाई॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥ …

होली पर शायरी हिंदी में | Shayri On Holi In Hindi | Holi Par Shayri

पिचकारी की धार, गुलाल की बौछार, अपनों का प्यार, यही तो है होली का त्यौहारा । राधा के रंग और कन्हैया की पिचकारी, प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी, ये रंग ना जाने कोई मजहब न बोली, मुबारक हो आपको खुशियों भरी होली। हमेशा मीठी रहे…

valentine day shayari in english

M y dear Valentine, let me make a promise to you today. I will always be there to catch you when you  fall and pull you up when you're down. Let's make a promise to each other to always  keep the cupid between us alive. H…

नए साल पर शायरी l Hindi Shayri On New Year l New Year Special l Happy New Year Shayari in hindi

पुराना साल जाता है,  नया साल आता है। नए साल में आपको वो सब मिले,  जो आपका दिल चाहता है । पुराना साल सबसे हो रहा दूर,  क्या करें यही तो है कुदरत का दस्तूर  । बीती यादें सोचकर उदास न होना तुम,  करो खुशियों के साथ नए साल की मंजूर । …

हिंदी शायरी ज़िंदगी पर | Hindi Shayari On Life

वेदना की रीत जीवन चेतना का गीत जीवन अश्रु में भीगे हृदय का, है मनोहर मीत जीवन।         राह का साथी है जीवन         आस का साया है जीवन          पाखियों का नीड़ जीवन          ललाट की उभरी शिराएं,          उगता हुआ छाला है जीवन     …

वो रू-ब-रू होकर मेरा एक ख्वाब बन गया | Wo Roo-Ba-Roo Hokar Mera Ek Khwab Ban Gaya

वो रू-ब-रू होकर मेरा एक ख्वाब बन गया  वो जिंदगी का एक अधूरा हिस्सा बन गया वो बहते अश्कों की एक वजह बन गया  वो आज भी इन निगाहों का इंतजार बन गया वो रु-ब-रू होकर एक सच्चा मज़ाक बन गया  वो खुदा का सबसे खुबसूरत सबक बन गया वो एक ज़ख्म…

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाँय | Guru Govind Dou Khade, Kaake Lagoon Paye | Kabir Das Dohe

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाँय । बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो मिलाय॥ Guru Govind Dou Khade, Kaake Laagoon Paany Balihari Guru Aapne, Govind Diyo Milaay भावार्थ: कबीर दास जी इस दोहे में कहते हैं कि अगर हमारे सामने गुरु और…

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